योग से सशक्तिकरण: ‘2nd गढ़वाल कप योगा चैम्पियनशिप 2026’ में छवि विश्व फाउण्डेशन की प्रभावी सहभागिता

योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि चेतना का विस्तार और जीवन जीने की अनुशासित कला है। वर्तमान दौर की भागदौड़ भरी दिनचर्या में मानसिक स्पष्टता और शारीरिक सुदृढ़ता ही एक सजग राष्ट्र के निर्माण का आधार स्तंभ हैं। इसी ध्येय को केंद्र में रखते हुए मुनि की रेती (टिहरी गढ़वाल) की पावन धरा स्थित पुष्पा बडेरा विद्या मंदिर, ढालवाला में ‘2nd गढ़वाल कप योगा चैम्पियनशिप 2026’ का भव्य एवं ऊर्जावान आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

1. साधना और अनुशासन का महासंगम: 150+ साधकों का अदभुत प्रदर्शन

प्रतियोगिता के मंच पर उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पधारीं 20 से अधिक प्रतिष्ठित योग टीमों के 150 से अधिक युवा व बाल प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

  • विविध स्पर्धाएं: पारंपरिक आसनों, कठिन संतुलनों, कलात्मक योग और विभिन्न आयु वर्गों के अनुसार आयोजित पृथक-पृथक श्रेणियों में योगियों ने अभ्यास का असाधारण स्तर प्रस्तुत किया।
  • संस्कार और ऊर्जा: प्रतिभागियों के लचीलेपन, एकाग्रता और श्वास नियंत्रण ने उपस्थित दर्शकों और निर्णायकों को गहरे तक प्रभावित किया, जिससे पूरा परिसर अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो गया।

2. छवि विश्व फाउण्डेशन की अगुवाई: सचिन ममगाईं का कुशल व प्रभावी पर्यवेक्षण

जमीनी स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना के उत्थान के लिए निरंतर क्रियाशील छवि विश्व फाउण्डेशन (Chhabi Vishwa Foundation) ने इस आयोजन को अनुशासित व पेशेवर स्वरूप देने में केंद्रीय भूमिका निभाई।

  • सूक्ष्म पर्यवेक्षण: फाउण्डेशन के नेशनल एग्जीक्यूटिव मेम्बर सचिन ममगाईं ने संपूर्ण चैंपियनशिप की गतिविधियों, तकनीकी प्रबंधन और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया का प्रत्यक्ष व सघन पर्यवेक्षण (On-ground Supervision) किया।
  • मार्गदर्शन व प्रेरणा: श्री ममगाईं ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि योग को केवल पदक जीतने तक सीमित न रखकर जीवन का स्थायी संस्कार बनाना आवश्यक है।
  • संगठनात्मक प्रभाव: छवि विश्व फाउण्डेशन की योजनाबद्ध देखरेख ने यह सुनिश्चित किया कि सुदूरवर्ती पर्वतीय अंचलों से आए बाल साधकों को एक उच्चस्तरीय, पारदर्शी और उत्साहवर्धक मंच उपलब्ध हो सके।

3. योग नेतृत्व का समागम और ‘स्वस्थ भारत’ की दिशा में साझा संकल्प

इस गरिमामयी मंच पर उत्तराखंड योग जगत के प्रमुख दिग्गजों और सामाजिक विचारकों की सक्रिय सहभागिता रही, जिन्होंने आयोजन को बौद्धिक व नैतिक संबल दिया:

  • डॉ. अरविन्द कोटनाला (जनरल सेक्रेटरी, योगा एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड)
  • अनुज गौड़ (जनरल सेक्रेटरी, टिहरी डिस्ट्रिक्ट योगा एसोसिएशन ट्रस्ट)
  • नवीन रयाल
  • विभिन्न योग पीठों से पधारे वरिष्ठ योगाचार्य एवं निर्णायक मंडल

मंच से वक्ताओं ने एक स्वर में रेखांकित किया कि आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों से नई पीढ़ी को बचाने का एकमात्र शाश्वत मार्ग योग ही है। ‘2nd गढ़वाल कप’ केवल एक खेल स्पर्धा नहीं, बल्कि छवि विश्व फाउण्डेशन और सहयोगी संस्थाओं का समाज को निरोगी, आत्मनिर्भर और ऊर्जावान बनाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *